चार भाई की कहानी | hindi story motivational | हिन्दी मोटवैशनल

hindi story motivational : आज हम चार भाई की कहानी वाली बेस्ट मोटिवेशनल स्टोरी इन हिंदी में जानते हैं । इस पूरी हिन्दी स्टोरी को पढ़ने के बाद आपको बहुत अच्छी मोटवैशन मिलेगा । आजकल के समय में मोटवैशन बहुत जरूरी होता है जो बच्चों को और युवाओ को आगे बढ़ने की प्रेरणा देता है और कोई भी अच्छी हिन्दी मोटवैशनल कहानी एक अच्छा मार्गदर्शक होती है – ये कहानी भी कुछ ऐसी ही है जो आपको कुछ सिख देकर जाएगी -आइए जानते हैं आज के इस inspire story hindi में क्या कुछ नया है जो हमे सीखना चाहिए – 

hindi motivational story in hindi , कहानी 4 भाइयों की हिन्दी मोटवैशन देने वाली कहानी

एक गांव में चार भाई रहते थे ।चारों के नाम थे -मोहन सोहन गोपाल कृष्णा ।चारों भाइयों के जो पिता थे वह  बहुत ही काम करके चार भाइयों को खाना खिलाते थे।

 एक दिन की बात है गांव में बहुत ही कम काम होने से यह चार भाई के पिता भी बहुत ही दुखी हो गए और सोच रहे थे कि अभी यह चार बेटों को खाना कैसे खिलाऊंगा। क्योंकि चारों भाई कोई काम नहीं करते थे। थक हारकर यह चारों भाइयों के पिता ने बोला तुम चारों किसी दूसरी जगह जाकर काम करो।

चारों भाई काम की खोज में दूर-दूर जाने लगे चारों भाइयों ने तय किया कि हम एक जगह ना जाकर चारो अलग-अलग दिशा में जाते हैं। जहां हमें कोई काम की खोज करके वहीं पर काम करेंगे और 4 साल बाद इसी जगह पर मिलेंगे।

चार भाई की कहानी | hindi story in short | inspirational story in hindi 

मोहन जब आगे बढा तो उसको रास्ते में एक शिकारी  मिलता है और शिकारी कहता है, कहां जा रहे हो ?तो मोहन कहता है मैं काम की खोज में बाहर जा रहा हूं।” मोहन कहता है मुझे कोई काम चाहिए।

 शिकारी कहता है कि ,”मैं तुम्हें अच्छे से चोरी करना सिखाऊंगा तुम मेरे साथ ही कम करो।” मोहन को पहले तो अच्छा नहीं लगता । बाद में कहता है ठीक है मैं आपके साथ काम करूंगा और अच्छी तरह से वह चोरी करना सीख लेता है।

यह धनुष लेते जाओ | inspire story hindi 

दूसरी तरफ सोहन आगे बढ़ता है तो उसे एक शिकारी मिलता है जो सोहन को अच्छे से शिकार करना सिखा देता है। थोड़े ही दिनों में सोहन इतना तैयार हो जाता है कि दूर की चीज भी वह आसानी से शिकार कर सकता है।

 4 साल खत्म होने के बाद सोहन कहता है कि अभी मुझे घर जाना है तो शिकारी कहता है अच्छा है तुम अब घर जाओ और यह धनुष लेते जाओ। 

गोपाल दूर की चीज आसानी से देख सकता | inspirational story in hindi

अभी आगे बढ़ते गोपाल को दूर-दूर तक कोई मिलता नहीं है। बहुत दूर जाने पर एक नदी मिलती है और नदी के किनारे एक झोपड़ी में एक इंसान रहता है जो दूर की चीज देखता रहता है।

 गोपाल उसके पास जाता है और कहता है कि मुझे यह सीखना है ।तब वह इंसान कहता है कि मैं तुम्हें दिखाता हूं कि यह चीज क्या है और इससे दूर की चीज भी नजदीक दिखाई देती है। दरअसल वह दूरबीन था जो पहले के लोग इस्तेमाल करते थे फिर वह आदमी गोपाल को इतना अच्छे से सीखना है कि गोपाल दूर की चीज आसानी से देख सकता है।

 4 साल  बाद वह भी अपनी मंजिल की ओर जहां चार भाई इककठा  होने वाले थे वहां आ जाता है। 

वह कृष्ण। को सिखा दिया | the best hindi story motivational

 कृष्णा आगे बढ़ते बढ़ते एक जगह जाता है जहां एक दर्जी अच्छे से अपनी सिलाई कर रहा था। कृष्णा कहता है कि मुझे काम की जरूरत है मुझे कोई काम मिलेगा। दरजी कहता है यहां जरूर मिलेगा। तुम यह मेरा काम जो है वह अच्छे से सीख लो। तुम इससे बहुत पैसे कमाओगे। अच्छे से यह दर्जी ने यह हुनर वह कृष्ण। को सिखा दिया कृष्ण। अच्छे से सीख कर 4 साल  के बाद अपनी मंजिल की ओर चला जाता है। 

आखिर वह दिन आ जाता है जब चारों भाई इककठा  होते हैं और अपनी अपनी बात बताते हैं ।आगे बढ़कर अपने घर जाते हैं ,जहां उसके पिता रहते  हैं चारों भाइयों से मिलकर पिता बहुत खुश हो जाते हैं और चारों भाइयों को गले लगा लेते हैं। 

 दो दिन बाद रात को खाना खाकर पिता अपने चारों पुत्रों को पूछते हैं कि,अब तुम सब अपनी अपनी कहानी सुनाओ की क्या किसने सीखा है और कहां जाकर सीखा।

 चारों भाई कहते हैं पहले भाई मोहन कहता है मैं अच्छे से चोरी करना सीख लोगों को पता भी नहीं चलता और मैं चोरी कर सकता हूं।

 दूसरे भाई ने कहा कि मैं अच्छा शिकारी बन गया हूं।नरेंद्र मोदी के बारे में

 तीसरे भाई ने कहा कि मैं अच्छे से दूर की चीज देख सकता हूं।

 चौथे भाई ने कहा कि मैं अच्छे से सिलाई कर सकता हूं पता भी नहीं चलेगा कि कहां कोई कपड़ा फटा था। फिर उसके पिता चारों भाई को गले लगाते हैं।

राजकुमारी का अपहरन | Rajkumari ki story motivational

थोड़े दिन बाद उसी गांव में राजा की बेटी का अपहरण होता है। राजा पूरे गांव में घोषणा करता है कि,” जो मेरी बेटी यानी राजकुमारी को वापस लगायेगा मेरी बेटी की शादी में उसी से करवाऊंगा।”

 यह चारों भाइयों को भी पता चलता है तो गोपाल कहता है कि चलो हम राजकुमारी को खोजने जाते हैं। सभी तैयार हो जाते हैं और एक दिन निकल पड़ते हैं। थोड़े दूर जाकर गोपाल कहता है कि मैं अच्छे से दूर की चीज देख सकता हूं ऐसा मेरे पास एक यंत्र है। 

 वह अपना यंत्र निकाल कर चारों तरफ देखा है तो उसे राजकुमारी दिखाई देती है और पास में ही एक ड्रैगन सोते हुए दिखाई देता है। गोपाल ने सबको बोला कि दूर की पहाड़ी पर मैंने देखा है की राजकुमारी ड्रैगन के साथ है यानी कि ड्रैगन ही राजकुमारी को ले गया था। तब पहले भाई मोहन कहता है कि ड्रैगन से में छुपकर राजकुमारी को चुरा लाता हूं क्योंकि यह हुनर मुझ में है।

एक किसान की कहानी best inspire story hindi 

 वह वैसा ही करता है धीरे से जाता है और राजकुमारी को ड्रैगन से चुरा कर लाता है थोड़ी आवाज़ होने के बाद ड्रैगन उठ जाता है और यह सब का पीछा करने लगता है। ड्रैगन अभी सबको खाने ही वाला था कि शिकारी सोहन ने अपना तीर चलाया।

 वह ड्रैगन को वही मार दिया अभी चारों भाई एक नाव में बैठकर अपने घर ही जाने वाले थे कि रास्ते में एक तूफान आता है जिसमें नाव पलट जाती है और नाव के टुकड़े-टुकड़े हो जाते हैं तब चौथा भाई ने कहा कि मैं एक दर्जी हूं और अच्छी मेरे पास एक कला है मैं यह नाव को पूरी तरह से एक कर दूंगा पता भी नहीं चलेगा।

 वह वैसा ही करता है और नाव को पूरी तरह से जोड़ देता है ।सभी  धीरे-धीरे आगे बढ़ते हैं।

गांव में आकर राजा को पता चलता है की राजकुमारी मिल गई। यह चारों भाइयों की बहुत ही अच्छे से खातिरदारी होती है और राजा कहता है कि तुम चारों भाई मिलकर तय करो कि मेरी बेटी किस शादी करेगी। ये भी पढ़ें – गरीब और अमीर 2 लड़कों की कहानी 

चारों भाइयों में झगड़ा | 4 brothers story in hindi

 चारों भाई कहते हैं कि राजकुमारी बस मेरे साथ ही शादी करेगी ।

गोपाल कहता है मैं अगर कुमार राजकुमारी को नहीं खोजता तो राजकुमारी ड्रैगन के पास है ऐसा पता ही नहीं चलता और हम लोग उसको नहीं ला पाते।

 तब मोहन कहता है कि अगर मैं चोरी से उसको नहीं लाता तो वह हमारे साथ नहीं आ सकती थी ।

सोहन कहता है कि अगर मैं ड्रैगन को नहीं मारता तो  ड्रैगन हम चारों को खा जाता ।

तब चौथा भाई बोलता है की अगर मैं अच्छे से नाव को नहीं एक करता तो नाव सिली नहीं जाती और हम पांचो ही मर जाते इसलिए राजकुमारी मेरे साथ ही शादी करेगी।

 इस तरह झगड़ा करने के बाद राजा ने कहा कि चारों के साथ तो राजकुमारी की शादी नहीं हो सकती।

एक काम करो तुम मेरा आधा राज्य ले लो और उसी में खुश रहो ।ऐसा ही राजा करता है और चारों भाइयों को आधा राज्य दे देता है। राज्य मिलने के बाद चारों भाई इतना खुश हो जाते हैं और चारों भाइयों के पिता का तो खुशी का ठिकाना नहीं रहता। क्योंकि पिता ने एक साथ इतना पैसा कभी नहीं देखा था अभी वह सब आराम से जिंदगी बिता सकते है।

Conclusion (सीख): hindi story motivational 

इस कहानी से हमें यह सीख मिलती है, कि हमें कुछ भी काम अच्छे से सीखना चाहिए। कोई भी सीखा हुआ हुनर या सीखा हुआ काम फालतू नहीं जाता और हमें उसका फल मिलता ही है। हमें अपनी शक्ति के हिसाब से कोई भी काम  सीख लेना चाहिए। आज नहीं तो कल भविष्य में सब कुछ काम आने वाला है।

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