अलेक्जेंडर फ्लेमिंग की कहानी | alexander fleming scientist story in hindi

alexander fleming scientist story : आज मैं आपको बहुत ही मजेदार स्टोरी बताने वाली हूँ जैसी करनी वैसी भरनी मतलब यह है कि जैसी करनी वैसा फल मतलब जो आज हम बोयेगे वही हम कल काटेंगे इस बात को सार्थक करते हुए एक कहानी कहती हूँ 

कहानी कुछ इस प्रकार है स्कॉटलैंड मैं फ्लेमिंग नाम का एक कृषि रहता था जो बहुत मेहनत करके अपना और परिवार का पालन पोषण कर रहा था एक दीन सुबह का समय था खुद खेत में काम कर रहा था .

तभी उसने आवाज सुनी बचाओ बचाओ वह आवाज की दिसा में उस तरफ दौड़ा वहा उसने देखा कि एक छोटा सा बच्चा रस्ते के पास में जो गढ़ा था उस में फस गया था फ्लेमिंगने बालक को बचाया ।

दूसरे दिन उसी बच्चे के पिता ने फ्लेमिंग का धन्यवाद करने के लिए उसी के खेत पर आए और बोला आपको कुछ भी काम हो तो मुझे बताइएगा उसी बात को फ्लेमिंग ने बहुत ही आदर पूर्वक मना कर दिया और कहा मैंने जो किया है वह हर इंसान का फर्ज है । ये भी पढ़ें – आचार्य चाणक्य की कहानी से ये एक बात सिख लो

दोनों के बीच में बात चलती रही उसी समय फ्लेमिंगो का बच्चा खेलते खेलते उसी और आया तो वह हम व्यक्ति ने पूछा आपका यह बच्चा कौन सी कक्षा में पढ़ रहा है .

फ्लेमिंग ने कहा साहेब मेरे जैसे एक किसान के बेटे के नसीब में पढ़ने का कहां होता है वह तो मेरे साथ खेत में काम करेगा उस व्यक्ति ने जवाब दिया अरे! तुमने मेरे बच्चे को बचाया है तो मैं तुम्हारे बच्चे को पढाना चाहता हूँ  और वह व्यक्ति फ्लेमिंग के बेटे को लेकर चले गए 

प्रेरणादायक कहानी | Motivational कहानी | short story hindi

बहुत साल हो गए किसान का लड़का भी युवान हो गया और खडे मे गिरा लड़का भी,मगर जवानी में ही उसको न्यू मोनिया हो गया उसके अच्छे नसीब उसी दौरान न्युमोनिया की दवा पेनेसिलीन कि शोध हो चुकी थी इसी के कारण वह युवान बच गया 

 युवान को जो खड्डे में गिर गया था उसको यह दवाई मिली उस को सोध करने वाला और कोई नहीं वह किसान का बेटा था जिसका नाम अलेक्जेंडर फ्लेमिंग है जिसने न्युमोनिया की दवाई की खोज की अलेक्जेंडर ने जिसको न्यूमोनिया से बचाया वह इंसान ब्रीटन का चर्चिल है ये भी पढ़ें – ऋषि पाणिनी की भयानक कहानी जो रोंगटे खड़े कर देगी

ऐसे देखा जाए तो न्युटन की गति का तीसरा नियम है उसी के साथ एक किस्सा समान लगता है कि कुछ पाना हो तो पहले कुछ खोना पड़ता है .

किसी ने सच ही कहा है कल के सभी फूल आज के बीजों से ही पैदा होंगे जैसा हम आज करेंगे वैसा ही कल हमें फल मिलेगा यानी कि जैसी करनी वैसा फल।

 जैसे कि इस कहानी में मतलब की यह जो सच्ची घटना है उसे हमें और सीख सकते हैं कि मामूली सा किसान अपनी सच्चाई से किसी भी आदमी की मदद करने से पीछे नहीं हटता तो आगे जाकर उसी का बेटा बहुत नाम कमाता है ।

हमें भी हमसे जितनी हो सके उतनी दूसरों की मदद करनी चाहिए क्योंकि आखिरकार हम जैसा काम करेंगे वैसा हमें नहीं तो हमारे बच्चों को ही काम आएगा अगर अच्छा करेंगे तो फल भी अच्छा ही मिलेगा किसी का भला नहीं कर सकते तो किसी का बुरा भी नहीं करना चाहिए

 इसी के साथ मैं अपनी स्टोरी खत्म करती हूं जल्दी ही मिलेंगे दूसरी स्टोरी के साथ