UPS . NPS is a fraud ( UPS . NPS धोखा है ) , OLD PENSION SCHEME होगा लागू संजय सिंह

” नेशनल मिशन फॉर ओल्ड पेंशन स्कीम भारत ” लंबे समय तक पुरानी PENSION बहाली के लिए राष्ट्रीयव्यापी आंदोलन चलाने वाले नेशनल मिशन फॉर ( OLD PENSION SCHEME ) भारत के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ मंजीत सिंह पटेल कहते हैं कि सरकार ने UPS लाकर कर्मचारियों के साथ गलत  किया है । ब्लॉगर से पैसे कैसे कमाए

NPS से UPS दे सकती है तो फिर OPS का विकल्प देने में सरकार को क्या दिक्कत है नाम बदलने से काम नहीं बदलता है । 

केंद्र सरकार ने शनिवार को नई पेंशन व्यवस्था लागू करने की बात कही है इस SCHEME को नाम भी नया दे दिया गया है मतलब यह नाम OPS और NPS से जुड़ा है । नई SCHEME का नाम यूनिफाइड PENSION SCHEME UPS रखा गया है । नरेंद्र मोदी के बारे में

केंद्रीय कैबिनेट ने इस SCHEME को मंजूरी भी दे दी है । इस SCHEME में 25 साल काम करने वाले सरकारी कर्मचारियों को पूरी पेंशन मिलेगी यानी किसी कर्मचारी ने न्यूनतम 25 साल तक नौकरी की है। तो उसे रिटायरमेंट के तुरंत पहले के अंतिम 12 महीने के औसत का वेतन कम कम 50% PENSION के रूप में मिलेगा । blog post kaise लिखें

यूनिफाइड PENSION SCHEME में 10 साल की नौकरी करने के बाद कर्मचारियों को कम से कम ₹10000 PENSION के तौर पर मिलेंगे दूसरी तरफ केंद्रीय कर्मचारी संगठनों ने नई PENSION SCHEME पर गहरी नाराजगी जाहिर की है ।

कर्मचारी संगठनों के पदाधिकारी ने कहा यह सरकार ने कर्मचारी वर्ग के साथ अच्छा किया है।  किसी भी सूरत में UPS मंजूरि नहीं देगा । वह गारंटीकृत पुरानी PENSION बहाली के लिए दोबारा से हल्ला बोल की तैयारी में जुड़ गए हैं केंद्र सरकार एवं विभिन्न राज्यों के कर्मचारी संगठन जो OPS के लिए आंदोलन कर रहे थे । जल्दी अपना आगामी रणनीति का खुलासा करेंगे । नोटपैड क्या होता है

अब आ गई है ये नई PENSION SCHEME

नेशनल मिशन फॉर ओल्ड पेंशन स्कीम भारत के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ मंजीत सिंह पटेल कहते हैं ।  कि सरकार ने UPS लाकर कर्मचारियों के साथ गलत किया है । UPS में सरकार ने अपनी कंट्रीब्यूशन जो अभी तक का 14% था । उसे बढ़ाकर 18.5% कर दिया है।  यहां तो सब ठीक है ।

यह बात काबिले तारीफ भी है , लेकिन हमारी मांग रिटायरमेंट पर 50% बेसिक सैलरी और डीए अलाउंस के बराबर की थी , ना कि कंट्रीब्यूशन घटाने या उसे बढ़ाने कि । बतौर डॉक्टर मंजीत पटेल कर्मचारियों की दूसरी डिमांड यह रही है । कि हमारा पैसा रिटायरमेंट पर बिल्कुल GPF की तरफ ही हमें वापस कर दिया जाएगा । google play store update

सरकार ने नई व्यवस्था UPS में वह सारा पैसा ले लेगी। यानी कर्मचारियों का 10% भी और खुद का 18.5% भी पटेल कहते हैं । हमें अपने आने का कंट्रीब्यूशन में केवल आखिरी के 6 महीने की सैलरी जितनी बनेगी सरकार उतना हमें वापस कर देगी , ऐसे ही स्थिति में तो UPS बजाए NPS ज्यादा बढ़िया होगा । हमारा आंदोलन OPS के लिए था।  सरकार ने पुरानी पेंशन जैसा कोई भी प्रावधान UPS में शामिल नहीं किया है,  इसलिए कर्मचारी अपना आंदोलन जारी रखेंगे।।

केंद्रीय कर्मियों के एक बड़े संगठन कॉन्फ्रेंस ऑपरेशन ऑफ सेंट्रल गवर्नमेंट एम्पलाइज और वर्कर्स के महासचिव SB YADAV ने कहा हमारा स्टैंड क्लियर है ,सरकारी कर्मचारियों को OPS ही चाहिए । UPS किसी भी सूरत में स्वीकार नहीं करेंगे ।

सरकार की इस नई SCHEME को लेकर  कॉन्फ्रेंस जल्दी ही बैठक करेगा । उसमें आगामी रणनीति की घोषणा की जाएगी,  यह क्लियर है । कि कर्मचारियों को OPS के अलावा कुछ मंजूर नहीं है ,

अखिल भारतीय रक्षा कर्मचारी महासंघ AIDEF ने पीएम प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी और JCM के प्रतिनिधियों की बैठक का बहिष्कार किया था । वजह सरकार ने OPS को लेकर कोई भी सरकार सकारात्मक बयान नहीं दिया था ।

सरकार अपनी बात पर ही अड़ी रही , नतीजा सरकार ने OPS पर आंदोलन करने वाले कर्मचारी संगठनों की राय लिए बिना ही यूपीएस को लागू करने की बात कह दी थी । अब दोबारा से आंदोलन शुरू होगा ।

नेशनल मूवमेंट फॉर ओल्ड पेंशन स्कीम इन NMOPS के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं अटेवा के प्रदेशप्ध्यक्ष विजय कुमार बंधु ने कहा यदि सरकार NPS से UPS का विकल्प दे सकते हैं । तो फिर OPS का विकल्प देने में सरकार को क्या दिक्कत है ।

यदि UPS में बेसिक का 50% दे सकते हैं , तो OPS में भी 50% ही देना होगा नाम बदलने से काम नहीं बदलता यह जितना भी योजनाएं लाई जा रही हैं । सभी SCHEME तभी तो रोज बदलना पड़ रहा है अभी तक NPS की तारीफ की जा रही है । अभी UPS की जबकि सच यह है । कि OPS ही सामाजिक सुरक्षा का कवच है, बुढ़ापे की लाठी है । देश की करोड़ों कर्मचारी OPS की ही मांग करेंगे।