एक मेहनती लड़की की कहानी (ek ladki ki kahani): एक गांव में एक बूढ़ा रहता था .जिसकी खूबसूरत लड़की थी. उसकी बीवी मर गई थी तो उसने दूसरी शादी कर ली थी दूसरी शादी करने के बाद जो दूसरी मां थी वह अपनी बेटी को बहुत ही सताती थी .और दुखी करती थी जिसको देखकर लड़की के पिता बहुत ही दुखी रहता था. सौतेली माँ की भी एक लड़की थी जो बहुत ही मोटी थी । वह अपनी बेटी से कोई काम नहीं करवाती थी बस इसी लड़की से काम करवाती थी क्योंकि वह उसकी सौतेली मां थी. सौतेली मां की बेटी दिन भर बैठे-बैठे से तैयार होती रहती थी मेकअप करती रहती थी कोई काम नहीं करती थी। कोई काम भी बोला जाए तो बोलती थी कि मेरे हाथ खराब हो जाएंगे मेरे पैर खराब हो जाएंगे तो सौतेली मां बस दूसरी बेटी से ही सब काम करवाती थी.

इस वजह से लड़की के पिता बहुत दुखी रहते थेऔर सोचते थे कि बस मेरी बेटी से ही सब काम करवाती है और यह अपनी बेटी को कुछ नहीं रहती है. एक दिन की बात है लड़की के पिता ने अपनी बेटी को बुलाया और कहा की बेटी तुम दूसरी जगह चली जाओ और वहीं पर कोई अच्छा काम कर लो तो तुम्हें दो पैसे भी मिलेंगे और यहां तुम्हें कुछ सुनना भी नहीं पड़ेगा । लड़की ने कहा ,”ठीक है पिताजी में ऐसा ही करती हूं मैं कहीं अच्छी सी जगह जाती हूं जहां मैं कोई काम कर सकूं और दो पैसे भी कमा सकूं जिससे आपकी बीमारी में भी कुछ मदद मिल जाएगी.”
यह सुनकर तो सौतेली मां बहुत ही खुश हो गई सोचा कि यह कमाने जाएगी तो मुझे भी पैसे मिल जाएंगे और मेरी बेटी को कोई काम नहीं करना पड़ेगा वह झट से अंदर आ गई और बोलने लगी कि'”हां हां तुम चली जाओ क्योंकि तुम अगर कोई पैसेदार लोग के घर काम करने चली जाओगी तो मेरा काम आसान हो जाएगा मैं मुझे पैसे भी मिल जाएंगे.”
एक मेहनती लड़की की कहानी (ek ladki ki kahani part 2)
इसी तरह से दुखी होकर खूबसूरत लड़की निकल पड़ती है अपने काम पर चलते-चलते उसे अमरूद का सूखा पेड़ मिलता है अमरूद के सूखे पेड ने लड़की को कहा कि “बेटा मेरी डाली सुखी दलिया तोड़ दो तो मेरे पर अच्छे से फल लगे , तो लड़की ने ऐसा ही किया । लड़की ने सारे जो डालियां थी सुखी तोड़ दी , क्योंकि यह जो खूबसूरत लड़की थे बहुत ही मेहनती भी थी और ईमानदार भी थी और ऐसा ही करके वह आगे बढ़ती है ।
जब उसको अंगूर की लता दिखाई देती है और लता बोलती है कि मुझे तुम्हारी मदद की जरूरत है ” मेरी जो जड़ है जड़ के पास खड्डा खोद दो तो मेरे पर अंगूर भी लग सकती है । और लोग उसे खा सकते हैं लड़की ने बिल्कुल ऐसा ही किया और खड्डा खोदकर वह आगे बढ़ जाती है । आगे बढ़ती है तो उसे टूटी हुई भट्टी दिखाई देती है , टूटी भट्टी बोलती है की बेटी मेरी यह भट्टी पर मिट्टी लगा दो तो मेरा काम आसान हो जाएगा लड़की बिल्कुल ऐसा ही करती है ।
लड़की गंदे कपड़ों के साथ बिल्कुल थक गई | ladki puri thak gyi
भट्टी पर दूर से मिट्टी लाकर लगा देती है तो भट्टी एकदम नई जैसी हो जाती है आगे जाती है तो उसे टूटा हुआ कुआं दिखाई देता है कुआं बोलता है की बेटी मेरा पानी बहुत खराब हो गया है तो मेरे पानी को साफ कर दे और मेरी मदद कर दो । लड़की बिल्कुल ऐसा ही करती है कुए का सारा पानी निकालती है उसके कपड़े भी गंदे हो जाते हैं कुए ने कहा की बेटी तेरे कपड़े तो खराब हो गए । लड़की बोलती है , कोई बात नहीं बस आपको मदद की जरूरत थी तो मैं आपकी मदद कर दी.
अब लड़की गंदे कपड़ों के साथ बिल्कुल थक हार कर आगे जाती है तो उसे एक कुत्ता दिखाई देता है जो बिल्कुल ही गंदा मिट्टी का भरा हुआ था . कुत्ते ने कहा कि बहन मुझे नहला दो मुझे साफ कर दो . लड़की ने बिल्कुल ऐसा किया और नदी में जाकर कुत्ते को नहला दिया और खुद भी अपने कपड़े को साफ करती है आगे जाती है तो उसे एक महल दिखाई देता है अंदर जाकर देखते हैं तो उसके अंदर बहुत ही सुंदर-सुंदर परी रहती होती है।
एक मेहनती लड़की की कहानी (ek ladki ki kahani part 3)
लड़की अंदर जाकर बोलती है कि मुझे काम की जरूरत है इसीलिए मैं भटकते हुए यहां आ गई हूं । परियां बोलती है” कोई बात नहीं तुम्हें काम की जरूरत है तो हम तुम्हारी मदद करते हैं तुम्हें यहां सभी कमरों की सफाई करनी है । बस 6 कमरों में ही तुम्हें सफाई करनी है सातवें कमरे में तुम्हें जाना भी नहीं है उस तरफ देखना भी नहीं है खूबसूरत लड़की बस ऐसा ही करती है । वह 6 कमरे बहुत ही मेहनत से साफ करती है सातवें कमरे तक देखती भी नहीं है ।
कई दिन बीत गए परियों ने कहा कि क्या तुम्हें अभी अपने घर नहीं जाना है लड़की बोलती है कि हां मेरे पिता बीमार है तो मुझे अपने घर जाना है । अगर आप मुझे जाने की इजाजत दे तो मैं अपने घर जाना चाहती हूं” गरीब और अमीर की शानदार कहानी
आखिर लड़की बिल्कुल ऐसा क्यों करती है | ek ladki ko dekha to story in hindi
परियों ने कहा कि क्या तुम्हें छह कमरे साफ करते हुए यह नहीं लगा की सातवें कमरे में क्या है तुम्हें जानने की इच्छा नहीं हुई लड़की बोलती है कि नहीं मुझे ऐसा कुछ नहीं हुआ मुझे काम की जरूरत थी तो आपने काम दिया । तो बस मैं उसी में खुश थी और अपना काम करती रहती थी । पारियाँ कहती है चलो हमारे साथ तो सातवें कमरे में खोलकर उसे दिखाई तो उसमें खूब सारा सोना चांदी था।
पारियाँ कहती है कि यह जो चांदी और सोने का ढेर है उसमें तुम लेट जाओ जितना सोना चांदी तुम्हारे शरीर पर लग जाएगा वह सोना और चांदी तुम्हारा हो जाएगा लड़की बिल्कुल ऐसा ही करती है । सोने चांदी के ढेर पर सो जाती है । और देखती है कि कितने सारे सोने के सिक्के उसे पर लग जाते हैं । पारियाँ कहती है कि अभी यह सोने के सिक्के तुम्हारे हुए । तुम इसको अपने घर ले जा सकती हो लड़की बिल्कुल ऐसा करती है और वहां से निकल जाती है उसे कुत्ता मिलता है जिसकी मदद की थी।
एक मेहनती लड़की की कहानी (ek ladki ki kahani 4)
कुत्ते को देखकर खुश होकर वह आगे बढ़ती है और उसे कुआं दिखाई देता है लड़की इतनी प्यासी थी तो कुएं ने कहा मेरे से पानी पी लो । लड़की थोड़ा पानी पीकर आगे बढ़ती है तब उसको भूख लगी होती है तो वह भट्टी बोलती है कि यह मेरा जो खाना है केक बना होता है वहां पर तो वह लड़की केक थोड़ा खाती है ।
और फिर थोड़ा अपने पिताजी के लिए ले जाती है आगे चलती है तो उसे अंगूर की लत मिलती है । जिस पर बहुत सारे अंगूर लग गए थे तो अंगूर की लत बोलती है की बेटी यह अंगूर का रस तुम पी लो। लड़की अंगूर का रस पी लेती हो और थोड़ा अपने पिताजी के लिए ले जाती है ।
आगे बढ़ती है तब वह अमरूद का पेड़ आता है जिसकी सूखी डाली तोड़कर अमरूद के पेड़ की मदद की थी । अमरूद का पेड़ बोलता है कि जितना फल चाहिए उतना ले लो लड़की बिल्कुल ऐसा ही करती है थोड़ा खाती है और थोड़ा अपने पिता के लिए ले जाती है। सफलता के रहस्य
जैसे ही वह घर आती है तो अपने पिता को देखकर बहुत ही खुश होते हैं क्योंकि अभी उसके पिता बीमार नहीं थे चल फिर सकते थे जैसे ही वह अंदर जाते हैं उसकी सौतेली मां उसको देखकर बहुत ही ईर्ष्या भाव से देखते हैं । और सोचती है कि अगर मेरी बेटी यहां काम करने जाती तो उसको भी इतने ही सोने चांदी मिल सकते थे दूसरे ही दिन सौतेली मां अपनी बेटी को काम करने के लिए बाहर भेजने की सोचती है जब उसकी बेटी बाहर जाती है तो रास्ते में वही अमरूद का पेड़ आता है ।
एक मेहनती लड़की की कहानी (ek ladki ki kahani 5)
और मदद के लिए बोलता है पर यह लड़की मना कर देती है और बोलती हैं कि मेरे हाथ तो बहुत कोमल है मैं तुम्हारी डाली क्यों तोड़ू । आगे जब जाती है तो वही अंगूर की लत आती है बोलती है कि मेरी मेरी जड़ के पास खड्डा खोद दो ।
तो लड़की बोलती है तुम्हारा काम तुम खुद करो मैं क्यों करूं । आगे बढ़ती है तो उसे भट्टी दिखाई देती है भट्टी मदद के लिए बोलता है तो लड़की उसको भी मना कर देती आगे जाती है तो कुआं दिखाई देता है ।
कुआं मदद करने के लिए बोलता है तो लड़की उसको भी मना कर देती है आगे कुत्ता मिलता है तो कुत्ता बोलता है कि मुझे साफ कर दो लड़की उसको भी मना करके आगे चली जाती है ।
जब वह आगे जाती है तो उसको एक महल दिखाई देता है महल में परियां थी और बोलती है कि तुम्हें काम चाहिए तो यह 6 कमरों की सफाई करो सातवें कमरे को मत खोलना । लड़की बिल्कुल ऐसा ही करती है , थोड़े दिन तक ऐसा चलता है पर लालची लड़की को सातवें कमरे में क्या है वह देखने की बहुत जिज्ञासा हुई ।
और वह कुछ भी सोचे समझे बिना उस कमरे में घुस जाती है वहां सोने चांदी के बदले सिर्फ मधुमक्खियां थी वह एक साथ यह लालची लड़की पर हमला करती है और लालची लड़की महल छोड़कर भाग जाती है तभी उसे रास्ते में कुत्ता मिलता है तो कुत्ता तो एकदम साफ था और उस पर सोना चांदी के सिक्के लगे थे लड़के उसके पीछे भागती है पर वह कुत्ता एकदम दौड़कर भाग जाता है ।
लड़की वही गिर जाती है (ek ladki gir jati hai )
और लड़की वही गिर जाती है एकदम प्यासी लड़की कुएं के पास आती है तो कुएं ने कहा तुमने मेरी मदद नहीं की थी तो मैं तुम्हारी मदद क्यों करूं । तो उसको पानी पीने से मना कर देते हैं आगे जाते हैं तो लड़की को बहुत भूख लगी है होती है पर लड़की इतनी लालची की भट्टी की मदद नहीं की तो भट्टी अपना खाना लड़की को नहीं देती आगे जाती है ।
अंगूर की लत पर इतने अच्छे-अच्छे अंगूर आ गए थे पर लड़की को खाने को नहीं मिला क्योंकि लड़की ने अंगूर की लता की भी मदद नहीं की थी आगे जाती है तो उसको अमरूद का पेड़ मिलता है लड़की ने इस अमरूद पेड़ की भी मदद नहीं की थी तो पेड़ ने अपने अमरूद खाने को नहीं दिए।
घायल लड़की घर आती है और मां को बोलती है कि मेरे साथ क्या क्या हुआ ? माँ दिलासा देने की जगह अपनी बेटी को ही मारती है और कहती है कि क्या करके आई बस सोना लिए बिना ही सिर्फ मार खाकर आ गई। तभी खूबसूरत लड़की के पिता आते हैं और यह मां बेटी को घर से निकाल देते हैं कहते हैं कि अभी हमें तुम्हारी कोई जरूरत नहीं है।
ek ladki ki kahani se sikh : एक लड़की की कहानी से हमे क्या सीखना चाहिए
हमें कोई भी काम में ज्यादा लालच नहीं करनी चाहिए। मेहनती लड़की की तरह सबकी मदद करनी चाहिए । लालची लोगों से दूर रहना चाहिए । मेहनत से ही हम कुछ पा सकते हैं ना की लालच से । जैसे वह लालची लड़की सिर्फ आलस करके और बिना काम कीये ही सब कुछ पाना चाहती थी तो उसको कुछ नहीं मिला। मेहनती लड़की मेहनत करके सबकी मदद करके आगे बढी , तो उसको ढेर सारा सोना चांदी भी मिलता है और पिता का प्यार भी मिलता है।