कबूतर और शिकारी की जबरदस्त कहानी : एकता का बल एक मोटवैशनल छोटी कहानी आज मैं आपको बहुत ही बढ़िया कहानी सुनाऊंगा. क्योंकि अगर हमें इस दुनिया में रहना है और अच्छे से रहना है तो इस कहानी से हमें कुछ ना कुछ सीख कर ही आगे बढ़ना पड़ेगा क्योंकि कहीं पर भी जाए तो यह जो कहानी है वह हमारा साथ देगी ही देगी कि हमें किस तरह से रहना चाहिए.

कबूतर और शिकारी की कहानी | kabutar aur shikari ki kahani
एक बहुत बड़ा जंगल था जंगल में बहुत सारे पशु पक्षी रहते थे. एक दिन एक बहेलिया बहुत ही सुबह में अपना जाल लेकर शिकार करने निकल पड़ता है. और एक खेत में जाल बिछा देता है. जाल बिछाने के बाद बहेलिया उसके ऊपर अनाज के दाने रख देता है जिससे पशु देखकर आ जाए.
बहेलिया जाल बिछाकर थोड़ी दूर चला गया और छिपकर सब देखने लगा. इस समय कबूतरों का एक झुंड वहां आता है और खेत में अनाज के दाने देखकर सब लालच में आकर नीचे उतरते हैं.
जैसे ही वह कबूतरों ने दाने खाना चालू किया तभी सब जाल में फंस गए. अब सभी कबूतरों को पछतावा हो रहा था कि कैसे निकलेंगे लेकिन अब पछताने से क्या होगा क्योंकि सब जल में फंस गए थे. अमीर और गरीब की प्रेरणा देने वाली कहानी
अकलमंद बुजुर्ग
सब कबूतर अपनी जान बचाने में लग रहे कोई इधर से उड़ने का कर रहा है, कोई उधर से उड़ने का कर रहा है पर सब का प्रयास निष्फल हो जाता है.
तभी झुंड में बैठा हुआ एक बुजुर्ग कबूतर कहता है, मैं जैसा कहता हूं वैसा ही करो ताकि सब यहां से आजाद हो सको क्योंकि मैं तुम लोगों से ज्यादा ही सीखा हूँ . सभी कबूतर तैयार हो जाते हैं कि आप जैसा कहेंगे वैसा ही हम करेंगे. 5 कहानियाँ लक्ष्य तक पहुँचाने वाली
तब बुजुर्ग कबूतर कहता है कि सबको यहां से अगर निकालना है तो एक जगह ही बल लगाना चाहिए और जोर से अपनी ताकत लगाकर एक साथ उड़ना चाहिए मैं जब इशारे करुंगा तब एक साथ सब अपनी जान लेकर साथ में उड़ेंगे.
कबूतरों की एकता
जब बुजुर्ग कबूतर ने इशारा किया तो सभी कबूतर एक साथ उड़ गए और बहेलिया बस आश्चर्यचकित होकर देखता ही रहा कि यह अचानक क्या हो गया? मेरा शिकार कहां चला गया?
सभी कबूतर उड़ते उड़ते जाल के साथ एक बील के पास पहुंचे वहां रहता चूहा बूढ़े कबूतर का मित्र था चूहे ने अपने नुकीले दांतों से पूरा ही जाल काट दिया. इस प्रकार सभी कबूतरों की जान बच गई.
सिख:
इस कहानी से हमें बहुत ही अच्छी सीख मिलती है कि अगर हम हमारे परिवार में हो चाहे दोस्त दोस्तों में हो या कहीं भी जहां नौकरी करते हो वहां स्टाफ में हो कहीं भी जगह में अगर एकता से काम करेंगे तो हमारी मुश्किलें काफी आसान हो जाएगी जैसे कि हमारे ऑफिस में कोई हमें परेशान कर रहा हो तो पूरा स्टाफ मिलकर अगर सामने से लड़ेगा तो वह जो अकेला है ।
वह इंसान किसी को परेशान नहीं करता फिर वह चाहे बड़ा ऑफिसर हो या कोई भी हो. अगर घर की बात करें तो घर के सभी लोग अगर जितने भी भाई हो मां-बाप हो सब साथ में मिलकर रहते हो तो बाहर का कोई भी दुश्मन घर की परेशानी नहीं बढ़ा सकता. और घर की शांति को भंग नहीं कर सकता.
