एकता की ताकत | a short story in hindi 3 for kids

एकता की ताकत वाली कहानी (hindi short story) अपने बच्चों को सिखाए और अपने बच्चों को महान बनने की दिशा में ले जाएँ

   बात बहुत पुरानी है । रामपुर नाम एक गांव था। वहां के लोग अमन चैन से अपनी जिंदगी बिता रहे थे। सभी सुखी और प्रसन्न थे। किसी को किसी चीज की कमी नहीं थी। पूरा गांव हर तरफ से समृद्ध था अचानक उसे गांव के लोगों पर भारी विपत्ति आ गई। हीरा नामक एक बदमाश अपने साथियों के साथ गांव में आकर उत्पाद मचाने लगा । हीरा बार-बार उसे गांव में आता और जबरन लोगों से रुपया मांगता था ।

रुपया नहीं मिलने पर वह किसी परिवार के बच्चे को उठा ले जाता और उसकी हत्या करने की धमकी देता । उसकी इस जबरन वसूली से सारा गांव ट्रस्ट था लोग दुखी रहने लगे । बच्चे की जान बचाने के लिए लोग मजबूरी में हीरा को रुपए देते । इस प्रकार हीरा का आतंक उस गांव में बढ़ता ही गया। एक बार उसे गांव में एक महात्मा जी आए लोगों ने सोचा क्यों ना हीरा के आतंक से मुक्ति पाने के लिए महात्मा जी से परामर्श किया जाए महात्मा जी गांव से दूर एक निरंजन स्थान पर झोपड़ी बनाकर रहने लगे हैं ।

short story in hindi 3 – गाँव वाले और महात्मा जी

गांव वाले महात्मा जी के पास गए। और बोले महाराज हम लोगों ने सुना है ।कि आप एक पहुंचे हुए संत हैं आपके आशीर्वाद और मंत्र से लोगों के दुखी दूर जो हो जाया करते हैं। हम ग्राम वासी भी बहुत दुखी हैं हीरा नाम एक बदमाश आकर हमारे गांव में उत्पाद मचाता है और लोगों से जबरन रुपए वसूल कर ले जाता है रुपए नहीं देने पर उसे परिवार के बच्चे को जबरन उठा ले जाता है और बच्चे की हत्या करने की धमकी देता है हम लोग उसके आतंक से बहुत परेशान हैं अब आप ही हमें इस बदमाश से छुटकारा दिला सकते हैं

महात्मा जी ने उनके बातों को ध्यान से सुना और बोले मैं आप लोगों को उसे बदमाश हीरा से छुटकारा अवश्य दिला सकता हूं उसके आतंक से बचने के लिए आप लोगों को 50-50 रुपए मुझे देने होंगे 50-50 रुपए से बदमाश हीरा से बचने का उपाय गांव वालों को सस्ता लगा। वे महात्मा जी को 50-50 रुपए देने के लिए शहर से तैयार हो गए गांव वासियों ने 50 ₹50 महात्मा जी को सौंप दिए रुपए लेकर अचानक महात्मा जी बिना बताए ना जाने रात के अंधेरे में कहां चले गए

कुछ दिनों बाद बदमाश हीरा फिर उसे गांव में आज हम का और कई परिवारों से रुपया वसूल कर चलता बना एक मां बाद महात्मा जी फिर उसे गांव में आए गांव वाले महात्मा जी के बिना उपाय बताएं गायब हो जाने से बहुत नाराज थे। वे सभी फिर महात्मा जी के पास गए और बोले, “हम लोगों ने आपको एक सिद्ध संत समझ कर हीरा से बचने का उपाय पूछा था,

लेकिन आप हम लोगों से पचास-पचास रुपए लेकर बिना उपाय बताएं ना जाने कहां चले गए ?आपने हम लोगों के साथ धोखा किया है । बदमाश हीरा फिर हम लोगों से रुपए वसूल कर गया है अब हम क्या करें ?अब तो आप कोई उपाय बताएं।” महात्मा जी मुस्कुराकर  बोले ,”मैं इस उपाय की खोज में गया था, लेकिन अब 50-50 रुपए से काम नहीं चलेगा। अब आप लोगों को उसके आतंक से बचने के लिए सौ _सौ रुपए देने होंगे। महात्मा जी की बात सुनकर गांव वालों ने सोचा, “बदमाश हीरा हम लोगों से हजारों रुपए जबरन ले जाता है।

short story in hindi 3 – गांव वाले महात्मा जी पर गुस्से से आग बबूला

महात्मा जी की सौ सौ रुपए देने में क्या बुराई है?” यही सोच कर उस गांव वालों ने सौ सौ रुपए महात्मा जी को सौंप दिए। इस बार फिर महात्मा जी रुपए लेकर बिना उपाय बताए रात के अंधेरे में गायब हो गए । गांव वाले देखते रह गए। बदमाश हीरा फिर उस गांव में आया और मारपीट कर जबरन रुपए ले गया। कुछ समय बाद महात्मा जी फिर उसे गांव में आए। इस बार गांव वाले महात्मा जी पर गुस्से से आग बबूला थे। 

वे महात्मा जी के पास आकर बोले, “आपने हमारे साथ बहुत बड़ा धोखा किया है। बदमाश हीरा फिर आया था और लोगों से मारपीट कर जबरन रुपए ले गया। हमें लगता है कि आप महात्मा नहीं ढोंगी  है। आप हमारे सारे रुपए हड़प कर गए और बिना उपाय बताएं ना जाने कहां फरार हो गए ?अब आप हमारे रुपए वापस कर दीजिए.” महात्मा जी हंसकर बोले, “बदमाश हीरा आप लोगों से हजारों रुपए वसूल कर ले जाता है लेकिन आप उससे कुछ नहीं कहते। 

मैं तो आप लोगों से सौ सौ रुपए लेकर उपाय खोजना ही गया था। इसी उपाय की खोज में आपके सारे रुपए खर्च हो गए। अब आप लोगों को हीरा के आतंक से बचने के लिए दो-दो सौ रुपए देने होंगे। यदि आप रुपए दे दें, तो मैं अभी बदमाश हीरा से बचने का उपाय बता देता हूं।” यह सुनते ही गांव वालों का गुस्सा सातवें आसमान पर पहुंच गया। वे बोले, “यह महात्मा है या व्यापारी? पहले ₹50 फिर ₹100 अब ₹200 की मांग कर रहा है। लोगों को मूर्ख बना रहा है। इसकी अकल ठीक करनी होगी। गांव वाले महात्मा जी मारने के लिए आगे बढ़े।

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इसी बीच महात्मा जी भाग कर एक ऊंचे स्थान पर खड़े हो गए ।और चिल्ला कर बोले,  “ठहरो! बदमाश हीरा के आतंक से बचने का उपाय अभी बताता हूं। यह कहकर महात्मा जी ने गांव वाले द्वारा दिए गए सारे रुपए उनकी और फेंक दिए।”  यह देखकर गांव वाले चकित रह गए। महात्मा जी ने कहा, “यह उपाय है आपका एकता। दो दो सौ रुपए मांगने पर आप लोग मुझे मारने के लिए दौड़ पड़े। बदमाश हीरा आप लोगों से जबरन हजारों रुपए वसूल कर ले जाता है।

short story in hindi 4 for kids – एकता में ताकत

आपके बच्चों को उठा कर ले जाता है, लेकिन उसे समय आप एकता होकर उसका मुकाबला नहीं करते। आप सोचते हैं कि हीरा हमसे नहीं बल्कि पड़ोसी से रुपए वसूल कर लेता जाता है। बदमाश हीरा मेरे बच्चे को नहीं, पड़ोसी के बच्चे को उठाकर ले जाता है,

इसलिए आप लोग चुप रह जाते हैं जिस प्रकार आप लोग मुझे करने के लिए एकत्र हो गए, उसी प्रकार एक होकर बदमाश हीरा का यदि आप मुकाबला करें, तो वह डर जाएगा।

एकता  के बल पर ही आप लोग  उसके आतंक से मुक्ति पा सकते हैं। यही मेरा मंत्र और उपाय है।” गांव वाले को महात्मा जी की बात समझ में आ गई। वे चुपचाप वहां से चल दिए। कुछ दिनों बाद हीरा फिर उस गांव में रुपए लेने आया। गांव में शोर मच गया। गांव वासी इकट्ठे  होकर लाठी फरसे निकाल लाए।

सभी गांव वाले एकजुट होकर हीरा और उसके साथियों पर टूट पड़े। वह चारों ओर से घिर गया और बड़ी मुश्किल से अपनी जान बचाकर वहां से भागा ।गांव वासियों की एकता देख बदमाश हीरा ने फिर कभी उसे गांव की ओर मुंह नहीं किया। सभी एक बार फिर अमन चैन की जिंदगी बिताने लगे ।                          

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महाराज पृथ्वी राज चौहान