moral stories in hindi small : आज हम छोटे बच्चों के लिए हिन्दी में कहानी लेकर आयें हैं जिसके बारे में पढ़ने और इन कहानी से हमे क्या सिख मिलने वाली है इसके बारे में समझेंगे । पहले हम यहाँ 5 best story को पढ़ेंगे और फिर 5 moral story देखेंगे ।

simple story in hindi | शेर और चूहा (lion and rat story in hindi )
आज हम इस कहानी में शेर और चूहा कैसे एक दूसरे के काम आते हैं यह कहानी में देखेंगे चलिए शुरू करते हैं फटाफट शेर और चूहे की कहानी।
एक बहुत बड़ा जंगल था ।जंगल में एक बरगद का पेड़ था ।पेड़ के नीचे चूहों ने अपना बिल बना लिया था और उसी में वह रहते थे। बारिश में भी अंदर ही अच्छे से अपना बिल बनाकर रहते थे ।
इस बरगद के पेड़ के आसपास एक बड़ा सा शेर घूमा करता था। हालांकि जंगल बड़ा था तो सभी प्राणी थे । उसमें शेर भी बहुत ही बड़ा था ।
एक बार शेर शिकार करने के लिए निकला मगर उसको कुछ भी खाने को मिला ही नहीं तो भूखा प्यासा इस बरगद के पेड़ के नीचे आकर बैठ गया। थोड़ी देर बाद पेड़ के नीचे जो चूहा रहता था वह निकलता है ।
अचानक ही शेर को चूहे को खाने का मन होता है और चूहे पर टूट पड़ता है तब पंजे में पड़ा हुआ चूहा कहता है,” राजा जी मुझे माफ करिए मुझे छोड़ दीजिए .
मैं भी कभी आपके काम में आऊंगा।”शेर फिर हंसता है और कहता है कि, “छोटे से प्राणी तुम मेरे क्या काम में आओगे तुम इतने छोटे हो मैं तुम्हें अभी खा सकता हूं।”
चूहे ने कहा,” राजा जी छोड़ दीजिए मुझे मैं सच में ही आपके काम में आ सकता हूं।”
शेर ने हंसकर चूहे को छोड़ दिया और सोचता है कि यह छोटा सा चूहा मेरे कौन से काम आएगा?
कई दिन बीत जाते हैं और एक दिन अचानक शिकारी इस जंगल में शिकार करने के लिए आता है और इस शेर को जाल में पकड़ लेता है।यह वही शेर था जिसने चूहे को छोड़ दिया था।
फिर जाल से निकलने के लिए शेर बहुत ही छटपटा है मगर वह जाल से निकल नहीं पाता
नसीब से वही बरगद का पेड़ था जिसके नीचे चूहे का बिल था। चूहा धीरे-धीरे निकलता है और देखता है कि राजा शेर इसमें फंसे हुए हैं तो वह धीरे से आकर पूरी जाल काट देता है और शिकारी के आने से पहले ही शेर वहां से भाग जाता है।
दूसरे दिन शेर चूहे के पास आता है और कहता है कि सच में तुम छोटे हो पर मेरे काम आ सकते हो।
“मेरी गलती हो गई कि मैंने तुम्हें छोटा समझकर तुम्हारा अपमान किया मुझे माफ कर दो क्योंकि आज तुम नहीं होते तो शायद मैं ऐसी का की जाल में फस कर पता नहीं कहां होता।”
सिख: इस कहानी से हमें यह सीख मिलते हैं की चीज छोटी हो या बड़ी, इंसान छोटे हो या बड़े यहां तक की जानवर भी छोटे हो या बड़े सभी का कुछ ना कुछ महत्व है। जहां पर बड़े लोग काम नहीं आते वहां छोटे लोग भी कुछ ना कुछ मदद करके काम में आ सकते हैं जैसे कि जहां कपड़े सिलने के लिए सूइ काम कर सकती है वहां तलवार कोई काम नहीं कर सकती।
Note- हमें भी अपने जीवन में अपने आसपास में किसी को भी छोटा नहीं समझना चाहिए क्योंकि सबका एक अलग ही महत्व है।
very short moral stories in hindi | चालाक लोमडी और कौआ [fox and crow story moral]
एक बहुत घना जंगल था। जंगल में कई सारे पशु पंखी रहते थे। जिसमें कौआ और लोमड़ी भी थे और वह हमेशा ही चालाकी ही करती है। यहां एक कौवा भूख से इधर-उधर भटक रहा था तभी एक जगह जाकर उसे रोटी का टुकड़ा मिलता है और रोटी के टुकड़े को लेकर कौवा एक पेड़ के पेड़ की डाल पर बैठ जाता है।
जैसे ही खाने के लिए रोटी का टुकड़ा आगे लेता है तो वहां पर एक लोमड़ी आती है ।अब हुआ ऐसा था कि लोमड़ी को भी बहुत ही तेज भूख लगी थी।
लोमड़ी को कोई शिकार नहीं मिला था तो लोमड़ी की नजर कौवे की रोटी पर थी। अब लोमड़ी अपनी चालाकी दिखाना शुरू करती है और कहती है,” कौवा तुम्हारी आवाज बहुत मीठी है सभी तुम्हारी आवाज की तारीफ करते हैं कि कौवे की आवाज में सुना हुआ गाना सच में बहुत ही बढ़िया लगता है ,तो कृपया मुझे भी आज एक गाना सुना दो।
मैं भी तुम्हारा गाना सुनना चाहता हूं।” यहां पर कौवा कुछ भी सोचे समझे बिना तय करता है कि मैं इसको अपना गाना सुनाऊंगा तो बिना सोचे समझे ही वह गाना शुरू करता है।
लोमडी को रोटी मिल गई
तभी उसकी चोंच में रखी हुई रोटी का टुकड़ा नीचे गिर जाता है और तुरंत ही लोमड़ी उसे खा जाती है और हंसकर कहता है,” अरे! कौवे क्या तुम्हारी आवाज कभी मीठी हो सकती है ?तुम बहुत बड़े बेवकूफ हो जो मेरी बातों में आ गए मुझे तो भूख लगी थी और मैं तुम्हारे रोटी का टुकड़ा खाने के लिए ही यह बोल रहा था और तुमने ऐसा ही किया।
सच में हम भी कभी ऐसा ही करते हैं हालांकि कौवे को सोचना चाहिए था कि खुद की आवाज कैसी है क्या सच में लोमड़ी उसके आवाज की तारीफ कर रही थी या फिर कुछ कारण हो सकता था।
सिख: इस कहानी से हमें यह सीख मिलती है कि अगर कोई हमारी तारीफ करें तो हमें जरूर सोचना चाहिए की तारीफ करने के पीछे सामने वाले का मकसद क्या है . आजकल की दुनिया में हम देखते हैं की बहुत सारे लोग एक दूसरे की तारीफ करके ही अपना काम निकाल रहे हैं मगर हमें ऐसे लोगों से सावधान रहना चाहिए क्योंकि हमारा ही उसमें नुकसान है लोग तो अपना फायदा उठाकर निकल जाएंगे पर नुकसान ही हमें ही भुगतना पड़ेगा।
small moral stories in hindi | मगरमच्छ और बंदर [hindi short animal stories]
दोस्तों आज हम बहुत ही मजेदार कहानी कहने वाले हैं जिसमें आपको भी कुछ सीख भी मिलेगी। चलिए शुरू करते हैं फटाफट यह कहानी। एक घना जंगल था। जंगल के पास एक नदी बह रही थी। जिसमें बहुत बड़ा मगरमच्छ रहता था। वह नदी में किसी को भी नहीं आने देता और कोई आए तो उसे खा जाता था ।सभी उससे बहुत डरते थे और नदी के पास भी जाने से सब को डर लगता था ।
उसी नदी के पास में एक जामुन का पेड़ था और जामुन के पेड़ पर एक बंदर रहता था। बंदर रोज मगरमच्छ को थोड़े-थोड़े जामुन देता था ।मगरमच्छ को भी यह जामुन पसंद था इसलिए बंदर को मगरमच्छ कुछ नहीं करता था और बंदर उसको जामुन दे तब मगरमच्छ जामुन खा लेता था ।
मगरमच्छ की लालची पत्नी
एक बार मगरमच्छ जामुन खाने के लिए आवाज देता है तो बंदर कई सारे जामुन तोड़कर मगरमच्छ को दे देता है और मगरमच्छ थोड़े जामुन घर पर भी ले जाता है। तब मगरमच्छ की पत्नी कहती है कि,” जामुन तो बहुत ही मीठे हैं। कहां से लाए हो?”
मगरमच्छ कहता है कि ,”नदी के तट पर जामुन का पेड़ है वहा एक बंदर रहता है रोज जामुन खाता है और मुझे भी तोड़ कर देता है ।”
मगरमच्छ की पत्नी कहती है कि,” इतने मीठे जामुन खाने वाले बंदर का दिल कितना मीठा होगा अब मुझे तो उसका दिल खाना है।”
मगरमच्छ सोचने लगा कि मैं अब बंदर का दिल कहां से लाऊं क्योंकि बंदर तो पेड़ पर रहता है और मैं पेड़ पर चढ़ नहीं सकता। मुझे कुछ युक्ति करनी पड़ेगी।
मगरमच्छ दूसरे दिन पेड़ के पास आता है और बंदर को कहता है,” कैसे हो बंदर भाई ।चलो मेरी पीठ पर बैठ जाओ मैं तुम्हें नदी की सैर कराता हूं।”
बंदर बिचारा कुछ सोचे समझे बिना ही कह देता है ठीक है चलो मैं तुम्हारे साथ आता हूं।” और मगरमच्छ की पीठ पर बैठ जाता है लगभग आधी नदी पार करने के बाद मगरमच्छ कहता है,” मेरी पत्नी को तुम्हारा दिल खाना है क्योंकि तुम बहुत ही मीठे जामुन खाते हो तो तुम्हारा दिल भी मीठा होगा।”
बंदर की चालाकी
अब बंदर बहुत ही पछताने लगता है कि मैं यहां पर क्यों आया ।यहां से निकलने का रास्ता भी उसे नहीं दिख रहा था तभी बंदर मगरमच्छ को कहता है ,”अरे मैं तो भूल ही गया था मैं अपना दिल तो जामुन के पेड़ पर ही छोड़कर आ गया हूं अगर तुम मुझे वापस वाले जाओ तो मैं अपना दिल लेकर तुम्हारी पत्नी को दूंगा।”
मगरमच्छ कुछ सोचता भी नहीं है और बंदर को किनारे तक ले जाता है किनारे पर जाकर बंदर जल्दी से पेड़ पर चढ़ जाता है और कहता है मूर्ख मगरमच्छ दिल को कोई अलग रखता है?हमारा दिल शरीर में ही रहता है जाओ आज से मेरी और तुम्हारी दोस्ती खत्म हुई ।
सीख: हमें किसी की भी बात सुनकर कुछ भी निणॅय नहीं लेना चाहिए क्योंकि आज के समय में कोई भी लोग ऐसे नहीं है जिस पर हम विश्वास करके आगे बढ़ सके यानी कि हमें कोई भी कार्य करना हो तो सोच समझकर ही करना चाहिए।
a small story in hindi | दो बिल्ली और बंदर [cat and monkey story in hindi]
दो सुंदर बिल्लियां इधर-उधर झगड़ा करते करते जा रही थी और अचानक से दोनों को भूख लग गई । उसके पास तो कुछ खाने का ही नहीं था। दोनों बात करती है कि अब क्या करें तो एक बिल्ली कहती है चलो किसी के घर चलते हैं चुपके से रोटी ले आएंगे।
दूसरी बिल्ली कहती है ,”चलो मैं भी चलती हूं।”
तब दोनों एक घर के पास जाती है जहां देखती है कि घर में कोई नहीं है तो चुपके से जाकर रोटी लाती है। रोटी एक ही थी और बिल्लियां दो थी अब दोनों झगड़ा करती है कि कौन खाएगा?
ऐसे ही झगड़ा कर रही थी तब वहां एक बंदर आता है बंदर देखता है कि दोनों बिल्लियां झगड़ा कर रही हैं तो पास में आकर कहता है,” तुम दोनों झगड़ा मत करो मैं तुम दोनों को आधी आधी रोटी बांट देता हूं ।”तभी वह एक तराजू लाता है और कहता है,” चलो मैं आधी आधी रोटी आपको देता हूं ।”
तब रोटी के दो टुकड़े करके दोनों तराजू में रखता है जान बूझकर एक बड़ा और एक छोटा टुकड़ा करता है और कहता है कि एक तरफ तो ज्यादा है तो बड़े टुकड़े में से थोड़ा खा लेता है ।तब दूसरी तरह का जो टुकड़ा था वह नीचे झुक जाता है तो कहता है कि अभी इसमें ज्यादा है तो मैं खा लेता हूं। ताकि दोनों को एक तरह का ही मिले ।”ऐसा करके बंदर पूरी रोटी खा लेता है।
दोनों बिल्लियां एक दूसरे के सामने देखती है कि आखिर हमारी रोटी गई कहां और बंदर दोनों की रोटी खाकर वहां से चला जाता है।
सीख: इस कहानी से हमें यह सीख मिलती है कि हमें आपस में इतना झगड़ा नहीं करना चाहिए कि दूसरे लोग उसका फायदा उठा सके। आजकल की दुनिया में यही हो रहा है आपस में घर में भी झगड़ा हो तो आज पड़ोस वाले उसका फायदा उठाते हैं तो हमें सोच होना चाहिए और आपस में ही सिर्फ झगड़ते नहीं रहना चाहिए कि उसका लाभ हम तीसरे व्यक्ति को दे दे और अपना ही नुकसान कर बैठे।
easy story in hindi | लोमड़ी और ऊंट [lomdi and camel story in hindi]
दोस्तों इस कहानी में लोमड़ी और ऊंट दोनों की बात की गई है इस कहानी से हमें काफी कुछ सीखने को भी मिलेगा चलिए शुरू करते हैं कहानी
एक बहुत ही बड़ा जंगल था और जंगल के पास में एक गांव था। गांव में ज्यादातर किसान गन्ने की खेती करते थे और अब गना पक गया था। वहां से गुजरते हुए प्राणियों को वह खाने का मन करता था पर किसान हमेशा वहां निगरानी करता था तो कोई प्राणी उसको खा नहीं पता था क्योंकि किसान सबको मार कर भगा देता था।
इसी जंगल में एक ऊंट और लोमड़ी रहते थे और दोनों की दोस्ती बहुत ही पक्की थी। दोनों जहां भी जाते साथ में ही जाते थे और कुछ भी काम करते तो साथ में ही करते थे।
ऊंट की दोस्ती
एक दिन की बात है लोमड़ी ऊंट को कहती है ,”चलो हम गने के खेत में जाते हैं और वहां जाकर गना खाते हैं।” ऊंट मान गया और दोनों गने के खेत में जाते हैं।अब बात ऐसी हुई की लोमड़ी का थोड़े ही गने का रस चूस कर उसका पेट भर गया, मगर ऊंट तो अभी भी गना ही खा रहा था।
उसका पेट तो अभी भरा नहीं था तो लोमड़ी रहती है ,”चलो यहां से भाग चलते हैं मगर उट मना कर रहा था कि ,”थोड़ी देर रुको मुझे अभी और खाना है ।”
लोमड़ी कहती हैं,” किसान आ जाएगा तो हम लोगों को मारेगा चलो जल्दी यहां से भागते हैं।
लोमडी की चालाकी
उट वहां से जाने को तैयार ही नहीं था। अब लोमड़ी खेत से बाहर जाकर अपनी आवाज में जोर-जोर से चिल्लाने लगती है उसको सुनकर किसान वहां आता है और आकर देखता है कि ऊंट उसके खेत में गने खा रहा है। वह जोर-जोर से ऊंट को करने लगता है ऊंट विचार चिल्लाते चिल्लाते रोते-रोते खेत से बाहर निकल जाता है।
बाहर निकल कर लोमड़ी को पूछता है कि तुमने ऐसा क्यों किया? क्यों ऐसे चिल्लाई और मुझे मार पड़ी ?लोमड़ी रहती है कि,” मैं क्या करूं मैंने तुम्हें बहुत कहा पर तुम नहीं माने तो मुझे यह करना पड़ा आखिरकार किसान आ जाता तो हम दोनों को मार पड़ती इसलिए मैं भाग गया ।
सिख: इस कहानी से हमें यह सीख मिलती है कि हमें किसी पर भी भरोसा नहीं करना चाहिए हमारा कितना भी पक्का दोस्त हो पक्का मित्र हो पर वह एक दिन हमें कुछ ना कुछ और किसी न किसी तरीके से नुकसान पहुंचा सकता है तो किसी भी मित्र या दोस्त पर हमें इतना भरोसा नहीं करना चाहिए कि हम घर की सभी बातें उससे शेयर करें क्योंकि आखिर वह बाहर का ही आदमी है और हमें किसी मुसीबत में भी फंसा सकता है
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