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ब्लॉगिंग करने के नियम + How to ( blogging karne ke niyam )

आपको पता होना चाहिए ब्लॉगिंग के नियम , इससे पहले जब आप ब्लॉगिंग स्टार्ट करते हैं आपको एक बात क्लियर होना चाहिए कि आप लोगो को कुछ बताने और कुछ समझाने वाले है। आज मैं आपको ब्लॉगिंग करने के नियम बताने वाला हूँ , क्या वाक़ई ब्लॉगिंग के कुछ नियम (Blogging ke niyam ) होते है , तो इसका जवाब है हाँ।

blogging karne ke niyam
पहले जब आप ब्लॉगिंग स्टार्ट करते हैं आपको एक बात क्लियर होना चाहिए कि आप लोगो को कुछ बताने और कुछ समझाने वाले है। आज मैं आपको ब्लॉगिंग करने के नियम (blogging karne ke niyam) बताने वाला हूँ ,

जीवन में हर चीज के नियम और सिद्धांत होते है यदि आप नियम तोड़ते है तो आपको इसका खामियाजा भुगतना होगा। ब्लॉगिंग हो या व्लॉगिंग (blogging or vlogging) या आप कोई अन्य काम करते हो इन सबके पीछे कोई वस्तु काम करती है जो आपको सफलता के शिखर पर पहुँचाती है।

अब बात आती है वो कौन से नियम हैं जो ब्लॉगिंग के फील्ड में काम करती है :-

ब्लॉगिंग करने के नियम 1 :

आपको ब्लॉगिंग करने से पहले आपको अपने ब्लॉग (blog) को अच्छे तरीके से रिडिजाइन करना चाहिए , रिडिजाइन (Redesign) मतलब आपको अपने ब्लॉग को डायनामिक तरीके से हमेशा एक समय पर दोबारा डिज़ाइन करना ताकि आपको रीडर को ट्रेंड्स के बारे में जानकारी हो , और आप हमेशा अपने blog को दूसरो से एक कदम आगे रखें।

ब्लॉग को रिडिजाइन करने के बहुत फायदे हैं जैसे आप के ब्लॉग दूसरों से हमेशा अलग तो दिखेंगे ही लेकिन हमेशा अपडेट रहेंगे गूगल (google ) की नजर में और आपकी सर्च इंजन में रैंकिंग (Blog Ranking ) बरकरार रहेगी।

इसके साथ आपका ब्लॉग हमेशा एक नए और फ्रेश look में रहेगा , जिससे आपको ब्लॉगिंग (Blogging ) करने में मज़ा भी आएगा और आप और अच्छे से काम कर पाएंगे। इसके साथ ही आपकी कंसिस्टेंसी (Consistancy ) भी बरकरार रहेगी।

ब्लॉगिंग का नियम 2 Consistancy :

Blogging हो या कोई भी काम आपको अपने वर्क में कन्सिस्टेन्सी देनी ही चाहिए क्युकी ब्लॉगिंग के फील्ड में मेरा अनुभव कहता है कि यदि आप अपने ब्लॉग पर कन्सिस्टेन्सी से काम नहीं करते हैं तो ये कुछ ही दिनों में रिजल्ट चाहिए वो आपको नहीं देगा।

यानी यदि आप इस क्षेत्र में beginner हैं और अभी अभी आपने ब्लॉग शुरू किया हैं तो आपको ये बात मालूम होनी चाहिए की blogging में consistancy का होना ठीक वैसे ही होता है जैसे की आपको किसी मशीन को चलाने के लिए उसमे fuel का इस्तेमाल करते हैं यानी यदि जिस प्रकार बिना ईधन के कोई गाड़ी नहीं चलती उसी तरह बिना कन्सिस्टेन्सी के आप कोई blog को नहीं चला सकते हैं।

ब्लॉगिंग में आपको हमेशा अपडेट रहने की जरुरत होती है जैसे आपको अपने ब्लॉग पर image और इन्फोग्राफिक का भी इस्तेमाल करना होता हैं।

ब्लॉगिंग के नियम 3 : इन्फोग्राफिक्स

ब्लॉगिंग करने में आपको इंफॉरग्रॅफिक्स (Infographics ) का इस्तेमाल करना आपके ब्लॉग को सर्च इंजन (Search Engine ) पेज पर टॉप रैंकिंग की पोजीशन (Position) में हमेशा आगे रखती है। Infographics का मतलब होता है , अपने ब्लॉग पर किसी आर्टिकल (article) विशेष में दिए गए कंटेंट (Content) को एक इमेज में अच्छे से ब्लूप्रिंट (Blueprint) देकर समझाना।

वैसे आपका कंटेंट की quality अच्छी है तो आपका ब्लॉग गूगल (google) या किसी अन्य सर्च इंजन (Search engine) में रैंक तो होगा ही , लेकिन यदि same content किसी और के ब्लॉग में भी आता है , और कंटेंट की क्वालिटी (Quality of content ) मैच करती है ,और उस ब्लॉग के पोस्ट में infographics आता है , तो सर्च इंजन infographics post को सबसे ऊपर rank करेगा।

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सर्च इंजन में किसी भी ब्लॉग को रैंक कराने में ब्लॉग की स्पीड (Speed of blog ) और ब्लॉग की साइज भी matter करती है , और अपने ब्लॉग को ऑप्टिमाइज़ (optimize ) करते रहें जैसे की आपके ब्लॉग का होस्टिंग (Hosting) प्रोवाइडर अच्छा होना चाहिए , इसका मतलब ये है कि आप एक अच्छा Hosting जरूर इस्तेमाल करें।

ब्लॉगिंग के नियम : 4 blog optimization

ब्लॉग ऑप्टिमाइजेशन यानी अपने ब्लॉग (Blog) को टाइम टू टाइम optimize करना जरुरी होता है , वरना ब्लॉग load time speed कम होने पर भी ब्लॉग रैंकिंग (blog ranking ) में गिरावट देखी गयी है। यदि आप अपने ब्लॉग को ऑप्टिमाइज़ करते रहते हैं तो आपके ब्लॉग पर आने वाले रिटर्निंग रीडर (Returning reader) की संख्या में बढ़ोत्तरी होती है।

Returning reader की संख्या में बढ़ोत्तरी होने पर आपके ब्लॉगिंग इनकम (Blogging income ) भी बढ़ती है , तो यदि आप ब्लॉगिंग (Blogging ) में अपनी एक अलग पहचान बनाने का सोच रहे हैं , तो आपको blogging के चौथे नियम को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए।

ब्लॉगिंग करने का नियम : 5 Blogging ही करना है

जी ये कुछ अटपटा सा लाइन है ब्लॉगिंग ही करना है (Blogging hi karna hai ).

एक्चुअली यदि आप ब्लॉगिंग को एक carrior के रुप में चाहते है तो , आपको ब्लॉगिंग (Blogging ) के बारे में सीखते रहने की जरुरत है , यानी आपको खुद अपने ब्लॉग को अपडेट (Update ) करते रहने से काम नहीं होने वाला है। आपको खुद भी समय समय पर सीखते रहने की जरुरत होगी।

होता क्या है कि , बहुत से लोग ब्लॉगिगं शुरू करते हैं लेकिन बिच में दम तोड़ते हैं। आपको हिम्मत नहीं हारनी चाहिए , ये टेक्नोलॉजी का जमाना है , और technology समय समय पर अपने अंदर परिवर्तन लाती है , ऐसे में यदि हम बात करें हमारे सबसे प्रिय सर्च इंजन गूगल (Dear Search Engine google ) की तो पिछले कई सालों में गूगल ने खुद को बदल दिया है , जैसे डिज़ाइन और टूल्स (Design and Tools ) .

हम आज से 6-7 साल पहले जैसे ब्लॉगिंग करते थे , उससे आज की blogging काफी chalanging हो गयी , तो यदि आप इस समय में किसी भी काम को बिना चैलेंज किये उसमे सफल नहीं हो सकते। इसलिए आपको अपने मन में ये बात रखनी चाहिए की ब्लॉगिगं (Blogging ) करना ही है। ये कुछ शब्दों का वाक्य आपको ब्लॉगिंग से बाँध कर रखेगा , और आप अपने ब्लॉगिगं carrior में खुद को एक अलग पोजीशन पर पाएंगे जहा आपको पैसा और नाम दोनों मिल सकेगा।

end – आज हमने सीखा ब्लॉगिंग करने के 5 शानदार नियम (Blogging karne ke 5 niyam ) जो ब्लॉगिंग के फील्ड में हमे सफलता दिलाने में मदद करेंगे , आपको ये आर्टिकल कैसा लगा , यदि पोस्ट पसंद आये तो निचे कमेंट कीजिये , इसके साथ आप इस पोस्ट को शेयर करके दूसरे new blogger (New Bie ) को मोटीवेट कर सकते हैं। धन्यवाद