Skip to content
Home » Home » Mahatma Gandhi ke bare mein जानिए निबंध और Speech 2021

Mahatma Gandhi ke bare mein जानिए निबंध और Speech 2021

हमारे देश में महात्मा गांधी जयंती (Mahatma Gandhi jayanti) हर साल अक्टूबर (2 October) महीने के 2 तारीख को मनाई जाती है Mahatma Gandhi ji ka पूरा नाम मोहनदास करमचंद गांधी था लेकिन पूरी दुनिया उन्हें महात्मा गांधी के नाम से जानती है लोगों ने भारत में राष्ट्रपिता कहते हैं और उनको बापू का कर भी पुकारा जाता है अंग्रेजों के समय में भारत को गुलामी की जंजीरों से आजाद कराने में Mahatma Gandhi ji का बहुत योगदान है । ये भी पढिए – गूगल से पैसे कैसे कमाएं हिन्दी में जानकारी

mahatma gandhi ke bare mein जानिए कैसे लिखते हैं निबंध और स्पीच
महात्मा गांधी जी का फोटो

एकमात्र महात्मा गांधी अहिंसा के बताए गए रास्ते पर चलकर अपने देश से अंग्रेजों को बाहर निकाल दिया और आजादी के इस महासंग्राम में भारत देश के सभी लोगों ने साथ दिया जिसके बाद आज भारत आजाद है और हर भारतीय अपनी आजादी से जिंदगी जी रहा है Mahatma Gandhi jayanti पूरे देश में 2 अक्टूबर को मनाया जाता है , इसमें काफी सारे अभियान पोस्टर और speech जैसे कार्यक्रम मनाया जाते हैं ।

इस दिन काफी स्कूलों में संस्कृत और क्षणिक प्रोग्राम का आयोजन भी किया जाता है काफी छात्र बहुत ही बड़ी संख्या में निबंध लिखते हैं भाषण देते हैं और प्रतियोगिता भी करते हैं आइए जानते हैं गांधी जयंती पर भाषण कैसे लिखा जाता है जिसका इस्तेमाल आप लोग अपने लिए निबंध , speech तैयार करने में इस्तेमाल कर सकते हैं।

जैसा कि बताया गया है यहां इस अक्टूबर में महात्मा गांधी की 151 जयंती मनाया जाएगा क्योंकि Mahatma Gandhi का नाम एक नाम ही नहीं बल्कि अब एक विचारधारा बन चुका है पहले के समय में मोहनदास करमचंद गांधी के नाम से जाने जाने वाले बापू को अब सिर्फ Mahatma Gandhi के नाम से जाना जाता है इनका जन्म 2 अक्टूबर 1869 को गुजरात के एक छोटे शहर पोरबंदर में हुआ था । ब्लॉग बनाकर पैसे कैसे कमाएं

Mahatma Gandhi जी ने भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस का गठन शुरु किया

अपनी प्रारंभिक शिक्षा को पूरा करने के बाद महात्मा गांधी उच्च शिक्षा के लिए लंदन भी गए Mahatma Gandhi ने ब्रिटिश इंग्लैंड से अपनी लॉ की डिग्री पूरी करी और 18 सो 91 में भारत अपने देश वापस आ गए इसके बाद महात्मा गांधी एक मुकदमें के मैटर में 1893 में अफ्रीका चले और 21 साल वहां रहे फिर 1915 में भारत वापस आ गए भारत वापस आने के बाद गांधी ने ब्रिटिश सरकार के द्वारा चल रहे भूमि कर और किसानों और मजदूरों के प्रति भेदभाव के विरोध में लोगों को इकट्ठा करना शुरू कर दिया 1921 में गांधी जी ने भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस का गठन शुरु किया ।

और भारत के लोगों में गरीबी की जड़ को खत्म करने महिलाओं के अधिकारों और धार्मिक और जातीय सौहार्द बनाने अंधविश्वास को खत्म करने छुआछूत को हटाने और सबसे ऊपर freedom यानि आजादी स्वराज प्राप्त करने के लिए राष्ट्र स्तर पर आंदोलन की शुरुआत की। ये भी पढिए – गूगल मे अपने ब्लॉग को रैंक कराने वाला seo पोस्ट कैसे लिखें

भारत छोड़ो आंदोलन का आह्वान

आजादी मिलने से पहले भारत में कई सारे आंदोलन चलाए गए जिनमें से एक था भारत छोड़ो आंदोलन गांधी जी ने 1930 में करीब 400 किलोमीटर डांडी नामक यात्रा की और अंग्रेजों द्वारा लगाए गए टेक्स्को चुनौती देने का काम भारतीय लोगों का नेतृत्व करके किया ।

इसके बाद 1942 में भारत को आजाद कराने के लिए और अंग्रेजों को भारत के बाहर खदेड़ने के लिए भारत छोड़ो आंदोलन का आह्वान किया और 1942 से 1947 के बीच भारत में बहुत बड़ा बदलाव आया और अंग्रेजी हुकूमत पूरी तरीके से हिलने डुलने लगी । ये भी पढिए – whatsapp और gb whatsapp क्या होता है

वही इस समय देश के अंदर अशांति का माहौल भी फैलने लग गया जिसके बाद अंग्रेजों ने देश के दो टुकड़े करने का एक प्रपोजल बना दिया 1947 में जब भारत पाकिस्तान का विभाजन Mahatma Gandhi जी ने कई विस्थापित हिंदू और मुसलमानों और सिखों की मदद से की लेकिन इंसानियत के देवता नाथूराम गोडसे ने गांधी जी को इंसानियत का दुश्मन समझ कर 30 जनवरी 1948 को गांधीजी के सीने में गोली दा कर उनकी हत्या कर दी नाथूराम गोडसे को लगा कि भारत का विभाजन गांधी जी के वजह से किया गया है जो कि गलत है और उनको ऐसा लगा कि उन्होंने भारत के लोगों के साथ अन्याय किया है।

Mahatma Gandhi जी का जीवन बहुत ही सरल था वह शाकाहारी भोजन करते और आत्मा की शुद्धि के लिए और राजनीतिक विरोध के लिए उपवास किया करते थे उन्होंने पूरी दुनिया को और भारत के लोगों को अहिंसा का पाठ भी पढ़ाया आज के समय में भारत के छात्रों को सलाह दी जाती है कि वह भाषण को एक कागज पर लिखे और आत्मविश्वास बढ़ाने के लिए इसका पालन करें ।

यदि कोई छात्र महात्मा जी के ऊपर निबंध लिखता है या फिर स्पीच देना चाहता है तो अपनी आवाज में दम रखकर आसानी से महात्मा गांधी के स्पीच को दूसरे ऑडियंस के सामने बोल सकता है इससे काफी प्रभाव पड़ता है और छात्र के द्वारा दी गई इस बीच से लोगों में प्रेरणा मिलती है।

आपको महात्मा गांधी के बारे ( Mahatma Gandhi ke baare me ) में बताया गया निबंध कैसा लगा जरूर कमेन्ट करें और इसे अपने मित्रों के साथ शेयर करें और ऐसे ही जरूरी जानकारी के लिए megahindi,com पर रोजाना विज़िट करें ।

ऐसे टेक्नॉलजी न्यूज , और टेक आर्टिकल के लिए आप हमारे Facebook Page को लाइक करें या ट्विटर पर फॉलो करें , या डायरेक्ट Megahindi.Com पर रोजाना विस्तार से जानकारी पढ़ें , जिनमे आपको टेक न्यूज , ब्लॉगिंग , यूट्यूब और इंटरनेट टिप्स के बारे मे जानकारी दी जाती है