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Story Gautam Buddha Hindi | कहानी गौतम बुद्ध की

Story Gautam Buddha Hindi | कहानी गौतम बुद्ध की लेखक (Sonal Domadiya)- आज हम गौतम बुद्ध (GAUTAM BUDDHA) यानी के भगवान बुद्ध के जीवन के बारे में तमाम जानकारी आपको देंगे | भगवान बुद्ध के साथ लगभग 550 तक कथाएं प्रचलित है कथाओं की माने तो भारत के हिमालय क्षेत्र की ओर नेपाल में कपिलवस्तु नामक राज्य था |

Story Gautam Buddha Hindi | कहानी गौतम बुद्ध की
Story Gautam Buddha Hindi | कहानी गौतम बुद्ध की

जहां क्षत्रिय को शाक्य से पहचानते थे वह एक गणराज्य था इस गणराज्य का सरदार शुद्धोधन था| शुद्धोधन की पत्नी का नाम माया देवी था |

What is the history of gautam buddha | गौतम बुद्ध की हिस्ट्री क्या है ?

यहाँ आज हम गौतम बुद्ध के बारे में इनका इतिहास जानेंगे और पता लगाएंगे की कैसे siddhart , गौतम बुद्ध बन गए और क्यों ?

How many years ago gautama buddha was born | कितने वर्ष पहले गौतम बुद्ध का जन्म हुआ था

गोतम बुद्ध का जन्म भारत में , इ स. पूर्वा 566 मैं हुआ था “गोतम बुद्ध (GAUTAM BUDDHA) की माता का नाम माया देवी और पिता का नाम शुद्धोधन था” | बचपन का नाम सिद्धार्थ रखा गया था | गौतम बुद्ध के जन्म के कुछ दिनों बाद ही उनकी माता का देहांत हो गया |

Story Gautam Buddha in Hindi | कहानी गौतम बुद्ध की

 गोतम बुद्ध का पालन पोषण गौतम मी महा प्रजापति ने किया वह भगवान बुद्ध (LORD BUDDHA) की पालक माता थी |बचपन से ही भगवान बुद्ध को अभ्यास और ज्ञान लेना बहुत अच्छा लगता था| कपिलवस्तु कि नजदीक में एक आश्रम था | कई बार सिद्धार्थ वहां जाया करते थे .

और संत उसे ज्ञान एवं समाधि की चर्चा करते थे| या सभी बातों से सिद्धार्थ के पिता बहुत चिंतित थे उनको लगा कि सिद्धार्थ कहीं सन्यासी ना हो जाए इस वजह से सिद्धार्थ की कम उम्र में शादी करवाई गई| सिद्धार्थ की पत्नी का नाम यशोधरा था| एक पुत्र भी हुआ जिसका नाम राहुल था| ये भी पढ़ें – एक गरीब को अमीर बनाने वाली अद्भुत कहानी

Why Gautam Buddha Left Home | गौतम बुद्ध ने घर क्यों छोड़ा

30 साल में गौतम बुद्ध (GAUTAM BUDDHA) ने ज्ञान प्राप्ति एवं सत्य की शोध के लिए परिवार का त्याग करके सन्यासी बन गए | उसके बाद गौतम बुध सब आभूषण कपड़ा सब त्याग करके जंगल की ओर चले गए |

जब वह पूर्व वेला नाम के स्थल पर पहुंच गए तब उनको लगा कि अन्न जल का त्याग करके कुछ हासिल नहीं होगा मुझे अपनी इच्छाओं पर ही विजय प्राप्त करनी होगी |  ये भी पढ़ें – घर बैठे हजारों लाखों कमाएं गूगल से सिर्फ एक काम करके

How gautama become buddha | गौतम कैसे बुद्ध हुए

मुझे अलग ही तपस्या करनी होगी उसके बाद वह बोधी गया नामक स्थल पर गए |पीपल के वृक्ष के नीचे बैठकर सत्य एवं ज्ञान  प्राप्ति के लिए साधना शुरू कर दी | कई  दिन बाद वैशाखी पूर्णिमा के दिन भगवान बुद्ध को ज्ञान प्राप्त हुआ |जैसे ही ज्ञान प्राप्त हुआ वह सिद्धार्थ से गौतम बुध्ध बन गए |

पहली बार उन्होंने ज्ञान प्राप्त करके सारनाथ जाकर पांच ब्राह्मणों को उपदेश दिया गौतम बुद्ध के प्रथम उपदेश को धर्म चक्र प्रवर्तन कहा जाता है | GAUTAM BUDDHA मात्र चार बातों पर यकीन रखते हैं 

1- संसार दुखमय है |

2- दूसरा दुख का कारण इच्छा है| 

3- दुख को नाश करने के लिए इच्छा का त्याग करो      

4- अष्टांगिक मार्ग अपनाओ

  यह चार बातें भगवान बुद्ध ने समझाई हुई है | इसीलिए इन चार बातों को बौद्ध धर्म के सिद्धांत अथवा सम्यक दर्शन भी कहा जाता है |भगवान बुध एक महान सुधारक भी थे जिन्होंने धार्मिक एवं सामाजिक सुधार करके लोगों को आगे लाने का प्रयास किया है |

बुध मानते थे कि मानव धर्म ही सबसे श्रेष्ठ है| ये भी पढ़ें – CALL FORWARDING से किसी की काल कैसे transfer की जाती है

 उन्होंने जो सिखाया है उसमें ईश्वर और आत्मा का इन्कार , भगवान बुध कहते हैं ईश्वर आत्मा नहीं पर कर्म में ही मानो गौतम बुद्ध  कर्मकांड का भी विरोध करते थे| वह कहते हैं कि पशु हिंसा को रोकना चाहिए और प्राणियों की हिंसा करने से बचना चाहिए |

वह अहिंसा में मानते थे |और एक बात तो गौतम बुद्ध की यह भी है कि वह ऊंच-नीच मतलब कोई भी वर्ण व्यवस्था मैं मानते नहीं थे|

GAUTAM BUDDHA KI SHORT STORY HINDI ME

 किसी भी मनुष्य का उनसे कुटुंब परिवार में जन्म लेना ही उसकी योग्यता नहीं है पर वह क्या कर्म कर रहा है वह देखकर ही उसका आगे बढ़ने का जो है वह देखा जा सकता है | एक बात GAUTAM BUDDHA  की मुझे बहुत ही अच्छी लगती है ।

वह हमेशा स्त्रियों को महत्व देते थे| वह मानते थे कि मानव धर्म में जितना पुरुषों को महत्व देना चाहिए उतना ही स्त्रियों को देना चाहिए| उनको लगता है कि मात्र पुरुष से ही आगे नहीं बढ़ सकते स्त्री उनके साथी हो तो ही पुरुष अच्छे से आगे बढ़ सकते हैं